न्यूज़ीलैंड मस्जिद शूटिंग : खूनी बेरहम ब्रेंटन टैरंट ने 74 पन्नो में कत्लेआम का खाका तैयार किया
न्यूज़ीलैंड मस्जिद शूटिंग के खूनी बेरहम ब्रेंटन टैरंट ने क्राइस्टचर्च में हुए कत्लेआम का खाका 74 पन्नों में तैयार किया। हर पन्ने पर उसने अपने नापाक मंसूबों को लिखा था।
खूनी खेल से पहले उसने खुद को एक साधारण, श्वेत इंसान बताया है। उसे बिटकॉइन शनिवार से काफी पैसा बनाने को मिले और उसके बाद 2011 में दुनिया की सैर पर निकल गया। उसने नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान और यूरोप सहित दुनिया के कई देशों की यात्राएं की।
बेरहम ब्रेंटन टैरंट को जानने वाली एक महिला ने बताया कि पर्सनल ट्रेनर के तौर पर काम करते समय वह अच्छा आदमी दिखता था। ऐसा लगता है कि खोजों के दौरान ही ऐसा कुछ हुआ जिससे वह कट्टरपंथी बन गई।
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बेरहम ब्रेंटन टैरंट ने इसमें पाकिस्तान की यात्रा का भी जिक्र किया है| उसने लिखा है-“एक अविश्वसनीय जगह जहां दुनिया के काफी अच्छे और उदार लोग रहते है।” अपने मैनिफेस्टो में बेरहम ब्रेंटन टैरंट ने कहा है कि उसने दो साल पहले ही हमले की साजिश रची थी लेकिन जगह का चुनाव तीन साल पहले किया था।
मुख्य आरोपी ने लिखा है कि उसने पहले एक दूसरे मस्जिद को टारगेट करने की योजना बनाई थी लेकिन बाद में अल नूर और दूसरी मस्जिद को चुना क्योंकि वहाँ बहुत ‘तेजी से’ थे। खालिद मसूद ने बताया कि टीम या तीन या चार मिनट पहले ही पहुंची थी ’, वे हमले के वक्त मस्जिद के अंदर सकते हैं। हम शुक्रगुजार हैं कि फायरिंग के बीच में नहीं फंसे लेकिन हमने जो देखा वह किसी फिज्म जैसा था।’
बांग्लादेशी क्रिकेटर तमीम इकबाल ने ट्विटर पर लिखा, पूरी चेतावनी से पूरी टीम बाल-बाल बच गई।बेहद घबराहट से परिवार को सूचित किया था। हमें अपनी दुआओं में जरूर शामिल करेंगेगा। जयसिंह क्रिकइंफो के रिपोर्टर मोहम्मद इस्लाम ने ट्वीट किया, किया जब फायरिंग हुई, तब टीम मस्जिद में प्रवेश करने ही वाली थी। गोलियों की आवाज से खौफजदा क्रिकेटर हेग्ले पार्क से ओवल की ओर दौड़ लगी। ‘क्रिकेटरमुशफक्कर रहीम ने कहा,’ आज हमें अल्ला ने बचा लिया।
भारत में हुई गोलीबारी की घटना के प्रत्यक्षदर्शी भारतवंशी फैजल ने कहा कि एक आदमी ने साहस दिखाई और कई लोगों को मरने से लिया गया। वह अध्यायों पर झपटा और कई लोगों के लिए मसीहा बन गया। फैजल ने बताया कि वह गोलियों की आवाज सुनकर सहम गया था। मस्जिद से निकलने की कोशिश करते हुए उसने देखा कि एक अज्ञात युवक आया और लोगों को बेपरवाह होकर मौत की नींद सुला रहे प्रतियोगी पर झपटा लग गया।
उसने उसे कसकर पकड़ लिया जिससे साथी की बंदूक नीचे गिर गई। 10 साल से न्यूजीलैंड में रहने वाले फैजल ने बताया कि यह मस्जिद छोटी थी और यहां एक दम से शुरू हुई गोलीबारी में खुद को बचाना मुश्किल था। ऐसे में एक आदमी अचानक हमलावर के सामने आ गया और उसे झपटकर जोर से पकड़ लिया। इस बीच प्रतियोगी की बंदूक गिर गई। इसके बाद साथी के पास वहाँ से भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। अगर ऐसा नहीं होता तो वह और बड़ी तबाही मचा सकती थी।
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy



